इज्तिराब – मंजुला आस्थाना महंती – पुस्तक समीक्षा

संवेदनशील हृदय कवि होने की पहली निशानी है। कवि अपने अनुभवों से कम भावनाओं से ज्यादा बुनता है/ गुनता है। कविता पर बात करते हुए मंजुला आस्थाना महंती एक समसामयिक लेखिका है जो उपन्यास कहानियाँ गजल कविताये एकांकी आदि लिखती है वह एक पुस्तक की लेखिका भी है उनकी रचनाओं, कविताओं में सदैव विविध भाव कथानक उदहारण प्रकृति, महिला, रोमांस सामाजिक समस्याओ और मानवीय संबंधो के अंतर्द्वंद एवं जटिलताओं का समावेशन दृश्टिगत होता है।

मेरे सामने कविताएं हैं। कविता, जिसे मैं हृदय की अभिव्यक्ति मानती हूं, क्योंकि यह कवि के अंतः स्थल से उठती है हमारे हाथ में है मंजुला आस्थाना  का कविता संग्रह ‘इज्तिराब’। यह कवि का दूसरा संग्रह है। इससे पहले उनका ‘अभिशाप दामिनी का’ नामक उपन्यास आ चुका है। इसके अतिरिक्त आपके गजल और कहानी के दो साँझा संग्रह प्रकाशित हो चुकी है। मंजुला आस्थाना महंती, साहित्य की प्राकृतिक लेखिका, जिनकी दक्षता है गद्य लेखन में, अनुवाद साहित्य  में  और पद्य लेखन में  आप हिंदी साहित्य में अध्ययन और अध्यापन दोनों में महारत हासिल कर चुकी  है। 

लेखन उनका शौक है और इसके लिए वह कई पुरस्कार भी हासिल कर चुके हैं। साहित्य में अनुभवी होने के नाते मंजुला की कविताओं पर उनके विचार हावी हैं और उनकी कविताओं में प्रेम, प्रकृति, और जीवन के सभी रंग दिख जाते हैं। मंजुला  की रचनाएं हृदय  में प्रकृति और जीवन के प्रति बेशुमार भावनाएँ  भरी हुई है, जिसकी छवि उसकी रचना में झलकती  है। ऐसा लगता है कि वह अपने आसपास से, समूची व्यवस्था से इस कदर प्रेम करते हैं कि उनको वो आसानी से शब्दों में पिरो देते हैं।

चाँद की रात

ए चाँद दीवानगी तेरी इबादत बन गई

ख्वाबो में तेरे मरना राहत बन गई

आता जाता है दिल ली गलियों में रात

तरसा यूँ जाना अदा ए मुहब्बत बन गई

किसी भी कवि के लिए प्रकृति और समाज विषय भी हैं, एक साधन भी और साध्य भी। मंजुला अपनी काव्य अभिव्यक्ति से, शब्दों के संयोजन से, सृजन से, अपनी कविताओं से कवि एक ऐसा संसार रचती है, जो संपूर्णता के करीब हो। जिसमें हो प्रेम, अभिव्यक्ति और आस। जिसमें हों सपने, प्यार, उम्मीदें व संघर्ष भी। मंजुला आस्थाना महंती अपने इस संकलन से यह लक्ष्य पाने में सफल रहे हैं। कुछ कविताओं में तो महज एक शब्द ही अपने संयोजन के चलते काव्य रूप में ढल गया है।

मंजुला आस्थाना महंती की कविताएं कई मायनों में अपने पूर्ववर्तियों से अलग हैं। एक तरह से देखें तो मानव जीवन के विविध रंग और उसमें शामिल उद्दाम लालसाएं कवि के लिए कविता का मुख्य उपादान हैं। कम शब्दों में कहें तो आप मंजुला की कविताओं का आनंद ले सकते हैं।  पढ़ने के बाद आपको जरूर ख़ुशी और साहित्यिक संतुष्टि का अनुभव होगा।  यह किताब अमेज़न पर उपलब्ध है और आप आसानी से इसे आर्डर कर सकते हैं।

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